लगातार छपाई के फायदे और नुकसान
निरंतर मुद्रण के लाभ:
1. उच्च मात्रा में मुद्रण: निरंतर मुद्रण उच्च मात्रा में मुद्रण की अनुमति देता है, जो औद्योगिक या वाणिज्यिक सेटिंग्स के लिए आदर्श है जहां बड़ी मात्रा में दस्तावेजों को मुद्रित करने की आवश्यकता होती है।
2. लागत-प्रभावी: चूंकि निरंतर मुद्रण एक सतत रोल या फैनफोल्ड पेपर का उपयोग करता है, यह अन्य मुद्रण विधियों की तुलना में अधिक लागत प्रभावी है।
3. वर्सेटाइल: निरंतर प्रिंटिंग रसीदों और चालानों से लेकर लेबल और फॉर्म तक दस्तावेजों की एक विस्तृत श्रृंखला को प्रिंट कर सकती है।
4. टिकाऊ: निरंतर मुद्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर टिकाऊ दस्तावेज़ उत्पन्न करते हैं जो कठोर वातावरण, जैसे उच्च गर्मी और आर्द्रता का सामना कर सकते हैं।
निरंतर छपाई के नुकसान:
1. कम रिजोल्यूशन: लगातार छपाई आमतौर पर कम रेजोल्यूशन वाली होती है, जिसका अर्थ है कि दस्तावेज उतने स्पष्ट या स्पष्ट नहीं हो सकते जितने कि अन्य मुद्रण विधियों द्वारा तैयार किए जाते हैं।
2. कोई रंग मुद्रण नहीं: निरंतर मुद्रण आमतौर पर केवल काले और सफेद रंग में मुद्रण करने में सक्षम होता है, जो सभी अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है।
3. शोर: निरंतर मुद्रण में उपयोग किए जाने वाले डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर काफी शोर कर सकते हैं, जो शांत वातावरण में एक समस्या हो सकती है।
4. ग्राफिक्स के लिए उपयुक्त नहीं: निरंतर प्रिंटिंग ग्राफिक्स या छवियों को प्रिंट करने के लिए आदर्श नहीं है, क्योंकि यह आमतौर पर कम रिज़ॉल्यूशन और ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंटिंग तक सीमित है।